मुंबई, भारत की आर्थिक राजधानी, हाल के वर्षों में ड्रग तस्करी और नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार का एक प्रमुख केंद्र बनती जा रही है। इस बढ़ती समस्या से निपटने के लिए मुंबई पुलिस और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने कई महत्वपूर्ण कार्रवाइयाँ की हैं, जिनसे बड़े ड्रग गिरोहों का पर्दाफाश हुआ है।
हालिया प्रमुख कार्रवाइयाँ
1. प्लास्टिक झाड़ू में छिपाई गई 10 करोड़ की एमडी ड्रग्स की बरामदगी
फरवरी 2025 में, मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक अनोखी तस्करी तकनीक का खुलासा किया, जिसमें प्लास्टिक के झाड़ू के भीतर एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स छिपाई गई थी। इस ऑपरेशन में दो आरोपियों, जहांगीर शाह आलम शेख और सेनॉल शेख, को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दादर रेलवे स्टेशन के पास स्थित एक गेस्ट हाउस में छापेमारी के दौरान 5.40 किलोग्राम एमडी ड्रग्स बरामद की, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 10.8 करोड़ रुपये आंकी गई है। तस्करों ने प्लास्टिक के झाड़ू के रेशों के अंदर ड्रग्स छिपाकर सप्लाई करने का प्रयास किया था।
2. नवी मुंबई में 200 करोड़ रुपये की कोकीन की जब्ती
जनवरी 2025 में, एनसीबी की मुंबई जोनल यूनिट ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया। इस ऑपरेशन में 11.54 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली कोकीन, 4.9 किलोग्राम हाइब्रिड स्ट्रेन हाइड्रोपोनिक वीड, 5.5 किलोग्राम कैनबिस गमीज़ (200 पैकेट), और 1,60,000 रुपये नकद जब्त किए गए। जब्त माल की कुल कीमत 200 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। इस सिंडिकेट का संचालन विदेश में स्थित एक समूह द्वारा किया जा रहा था, जो अमेरिका से मुंबई ड्रग्स की तस्करी करता था और कूरियर सेवाओं के माध्यम से भारत और अन्य देशों में सप्लाई करता था। इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया।
3. नवी मुंबई में 12 करोड़ रुपये की ड्रग्स और 16 अफ्रीकी नागरिकों की गिरफ्तारी
दिसंबर 2024 में, नवी मुंबई पुलिस ने अफ्रीकी नागरिकों के विरुद्ध विशेष कार्रवाई करते हुए 12 करोड़ रुपये की ड्रग्स जब्त की और 16 अफ्रीकी नागरिकों को गिरफ्तार किया। इस ऑपरेशन में 2.45 किलोग्राम कोकीन, 663 ग्राम एमडी पाउडर, 58 ग्राम मेथिलीन, 23 ग्राम चरस, और 31 ग्राम गांजा बरामद किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में से तीन फर्जी पासपोर्ट और बिना वीजा के नवी मुंबई में रह रहे थे।
ड्रग तस्करी के नए तरीकों का उद्भव
तस्कर लगातार नए-नए तरीकों का उपयोग कर रहे हैं ताकि कानून प्रवर्तन एजेंसियों से बचा जा सके। प्लास्टिक के झाड़ू में ड्रग्स छिपाने का मामला इसका एक उदाहरण है। इसके अलावा, कूरियर सेवाओं के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ड्रग्स की तस्करी भी एक उभरती हुई प्रवृत्ति है, जिसमें पार्सल के माध्यम से ड्रग्स को विभिन्न देशों में भेजा जाता है।
कानून प्रवर्तन एजेंसियों की चुनौतियाँ
मुंबई पुलिस और एनसीबी के सामने कई चुनौतियाँ हैं:
- तकनीकी विशेषज्ञता की आवश्यकता: तस्करी के नए तरीकों का पता लगाने और उन्हें रोकने के लिए उन्नत तकनीकी ज्ञान और उपकरणों की आवश्यकता है।
- अंतरराष्ट्रीय सहयोग: ड्रग तस्करी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए विभिन्न देशों की एजेंसियों के साथ समन्वय आवश्यक है।
- कानूनी प्रक्रियाएँ: गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ मजबूत कानूनी मामलों का निर्माण करना ताकि उन्हें सजा दिलाई जा सके।
सरकार की पहल
भारत सरकार ने ‘नशा मुक्त भारत’ अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य देश को नशीले पदार्थों से मुक्त करना है। इस अभियान के तहत, एनसीबी और अन्य एजेंसियाँ सक्रिय रूप से ड्रग तस्करी के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं। इसके अलावा, सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में शिक्षित किया जा रहा है।
निष्कर्ष
मुंबई में ड्रग तस्करी के बढ़ते मामलों के बावजूद, कानून प्रवर्तन एजेंसियाँ सक्रिय रूप से इस समस्या से निपटने के लिए प्रयासरत हैं। हालिया कार्रवाइयाँ इस बात का प्रमाण हैं कि पुलिस और एनसीबी तस्करों के नए-नए तरीकों का मुकाबला करने के लिए तत्पर हैं। हालांकि, इस लड़ाई में सफलता प्राप्त करने के लिए समाज के सभी वर्गों का सहयोग आवश्यक है, ताकि मुंबई और पूरे देश को नशीले पदार्थों की बुराई से मुक्त किया जा सके।




